उज्जैन। डिजिटल डेस्क
उज्जैन में नाग पंचमी के दिन साल में सिर्फ 24 घंटे खुलने वाले श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच सोमवार को अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास दर्शन की कतार में अचानक करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई। इस दौरान कई श्रद्धालु घायल हुए और कुछ को अस्पताल पहुंचाया गया।
करंट की अफवाह के बाद मची अफरा-तफरी
सोमवार सुबह नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास बैरिकेडिंग के भीतर डीपी के नजदीक करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई।
अफवाह के बाद कतार में खड़े लोगों में अचानक दहशत फैल गई। लोग सुरक्षित निकलने के लिए आगे-पीछे होने लगे, जिससे भीड़ का दबाव बढ़ गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
कई श्रद्धालु घायल, अस्पताल में कराया भर्ती
अफरा-तफरी के दौरान कई श्रद्धालु गिर गए और कुछ लोग बैरिकेडिंग से टकराकर घायल हुए। घायलों को उपचार के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया।
रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। पत्रिका ने 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी दी है, जबकि शुरुआती पुलिस अपडेट में दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने की बात सामने आई थी।
कुछ रिपोर्टों में महिलाओं और युवतियों के बेहोश होने की भी जानकारी दी गई है। उपचार के बाद स्थिति सामान्य होने की बात सामने आई है।
मंदिर समिति ने भगदड़ की खबर को बताया भ्रामक
घटना के बाद सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में मंदिर परिसर में भगदड़ की खबरें सामने आईं। हालांकि महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने वास्तविक भगदड़ की खबरों को असत्य बताया और श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।
वहीं उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बनने और लोगों के घायल होने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
भारी भीड़ के बीच बढ़ा दबाव
इस बार उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी अधिक रही। इसकी बड़ी वजह नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार का एक साथ होना है। इसी दिन बाबा महाकाल की सवारी भी निकाली जा रही है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट वर्ष में केवल एक बार नाग पंचमी पर 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। इसलिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दुर्लभ दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे।
साल में सिर्फ एक बार खुलता है नागचंद्रेश्वर मंदिर
श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मंदिर के पट पूरे साल बंद रहते हैं और नाग पंचमी पर केवल 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं।
नाग पंचमी की मध्यरात्रि मंदिर के पट खोले जाने के बाद विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाती है। साल में सिर्फ एक दिन दर्शन मिलने के कारण यहां हर साल भारी भीड़ जुटती है।
प्रशासन और पुलिस ने संभाली व्यवस्था
घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने स्थिति को संभाला। कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई, लेकिन बाद में इसे सुचारु कर दिया गया।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलग-अलग मार्गों और बैरिकेडिंग के जरिए व्यवस्था संभाल रहा था। इस वर्ष नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए ₹300 के शीघ्र दर्शन की ऑनलाइन व्यवस्था और निर्धारित स्लॉट भी बनाए गए थे।
अफवाहों से बचने की अपील
घटना के बाद प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ के बीच अफवाहों को फैलने से रोकना है। करंट की अफवाह के बाद जिस तरह अचानक लोगों में घबराहट फैली, उससे भीड़ प्रबंधन की संवेदनशीलता सामने आई है।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
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