रामघाट डूबा, दुकानों में घुसा पानी; चित्रकूट में अलर्ट

सतना। डिजिटल डेस्क

चित्रकूट में लगातार हो रही बारिश के बीच मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सोमवार सुबह तक रामघाट की लगभग सभी सीढ़ियां पानी में डूब गईं और घाट किनारे बनी दुकानों तक भी पानी पहुंचने लगा। हालात को देखते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

रामघाट की सीढ़ियां पानी में डूबीं

पिछले कुछ दिनों से सतना और चित्रकूट सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है।

सोमवार सुबह रामघाट पर स्थिति और गंभीर नजर आई। नदी का पानी घाट की सीढ़ियों को पार करते हुए ऊपर तक पहुंच गया। घाट किनारे की कई दुकानों में पानी घुसने लगा, जिसके बाद दुकानदारों ने सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।

दुकानदारों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील

जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश के चित्रकूट धाम जिला प्रशासन ने रामघाट क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है।

प्रशासन की ओर से घाट किनारे दुकान लगाने वाले लोगों से सामान हटाने और सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग

सुरक्षा के मद्देनजर रामघाट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की जा रही है। लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि बढ़ते जलस्तर के बीच कोई अप्रिय घटना न हो।

आपात स्थिति से निपटने के लिए रामघाट क्षेत्र में SDRF की टीम भी तैनात की गई है। प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर और आसपास के हालात पर नजर रख रही हैं।

एमपी के चित्रकूट में भी निगरानी बढ़ी

मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मध्य प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। भरत घाट, जानकी कुंड और आरोग्य धाम पुलिया समेत नदी से जुड़े संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जा रही है।

दोनों राज्यों के स्थानीय अधिकारी नदी की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी भी रखी जा रही है।

सावन के तीसरे सोमवार पर भी बारिश

सावन के तीसरे सोमवार को सतना समेत विंध्य क्षेत्र में सुबह से ही बारिश का सिलसिला जारी रहा। जिला मुख्यालय के साथ ग्रामीण इलाकों में भी रुक-रुककर बारिश हुई।

लगातार बारिश के कारण कई बरसाती नदी-नाले भी उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनने लगी है। ऐसे में नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

अगले 24 घंटे भी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान सतना जिले के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

मौसम की स्थिति को देखते हुए 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना भी बताई गई है। ऐसे में नदी-नालों और खुले इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है।

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का प्रभाव मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों पर पड़ रहा है। इसके चलते सतना और रीवा संभाग में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है।

सावन के शुरुआती 16 दिनों में सतना जिले में करीब चार इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने पर मंदाकिनी समेत क्षेत्र की अन्य नदियों के जलस्तर में भी और वृद्धि हो सकती है।

नदी किनारे जाने से बचने की सलाह

मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता नदी और घाटों पर लोगों की आवाजाही को लेकर है। बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नदी के बेहद करीब जाने से बचना चाहिए।

प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड और सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे ले जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

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