नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क
BRICS शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वैश्विक व्यवस्था और विकासशील देशों की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने BRICS देशों से एकजुट होकर शांति, स्थिरता और अधिक न्यायपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए काम करने का आह्वान किया।
मिलकर काम करना चाहिए
शी जिनपिंग ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में BRICS देशों को “इतिहास के सही पक्ष” पर मजबूती से खड़ा रहना चाहिए। उन्होंने सदस्य देशों के बीच एकजुटता और सहयोग को मजबूत करने की जरूरत बताई।
चीनी राष्ट्रपति के मुताबिक, BRICS देशों को शांति और विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए तथा वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की आवाज को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास करना चाहिए।
BRICS की बढ़ती भूमिका का किया जिक्र
शी जिनपिंग ने BRICS को उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के प्रमुख मंच के तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समूह की भूमिका वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने BRICS देशों से आपसी सहयोग बढ़ाने और साझा विकास को प्राथमिकता देने की अपील की। उनके बयान में बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक दक्षिण की भूमिका को मजबूत करने पर विशेष जोर रहा।
अधिक न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था की पैरवी
शी जिनपिंग ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अधिक समानता और न्याय की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को और मजबूत किया जाना चाहिए।
उनके इस रुख को चीन की उस व्यापक नीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जिसमें BRICS और Global South के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाता रहा है।
नई दिल्ली में जुटे BRICS नेता
नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के शीर्ष नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, शांति, सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। भारत की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में Global South की भूमिका भी प्रमुख विषयों में शामिल है।
शी जिनपिंग का यह बयान ऐसे समय आया है जब BRICS के बढ़ते प्रभाव और बदलती वैश्विक शक्ति-संरचना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है।