खाद के टोकन खत्म हुए तो भड़के किसान, चौरई में चक्काजाम

छिंदवाड़ा। जिले के चौरई में खाद के लिए उमड़ी किसानों की भीड़ ने गुरुवार को प्रशासन की व्यवस्था बिगाड़ दी। चार हजार से ज्यादा किसानों के पहुंचने के बाद टोकन खत्म हो गए तो आक्रोशित किसानों ने चक्काजाम कर दिया।

खाद के लिए चार हजार से ज्यादा किसान पहुंचे

चौरई नगर के नकद खाद बिक्री केंद्रों पर गुरुवार को सुबह से ही किसानों की लंबी कतार लग गई। दूरदराज के गांवों से किसान यूरिया खाद लेने के लिए पहुंचे थे।

बताया गया कि दिनभर में चार हजार से अधिक किसान खाद लेने के लिए पहुंच गए। इतनी बड़ी संख्या में किसानों के आने से दोनों खाद बिक्री केंद्रों पर व्यवस्था बिगड़ गई। मक्का फसल में यूरिया की जरूरत के चलते इन दिनों रोजाना बड़ी संख्या में किसान खाद लेने पहुंच रहे हैं।

टोकन खत्म होते ही भड़का किसानों का गुस्सा

खाद वितरण के लिए किसानों को टोकन दिए जा रहे थे। दोनों केंद्रों से करीब दो से ढाई हजार किसानों को टोकन बांटे जाने के बाद टोकन खत्म हो गए। सुबह से कतार में लगे बाकी किसानों को जब टोकन नहीं मिले तो उनका आक्रोश बढ़ गया। किसानों ने सड़क पर धरना शुरू कर दिया और देखते ही देखते चक्काजाम कर दिया। किसानों ने मांग की कि उन्हें प्रति एकड़ के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए।

विधायक और कांग्रेस नेता भी पहुंचे

किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद विधायक सुजीत चौधरी सहित कांग्रेस नेता मौके पर पहुंचे। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तीरथ ठाकुर, कांग्रेस नेता प्रमेंद्र साहू और धीरज खंडेलवाल सहित अन्य नेता भी किसानों के बीच पहुंचे। नेताओं ने किसानों की समस्या सुनी और उनके साथ चक्काजाम में शामिल हो गए। प्रदर्शन के चलते प्रशासन पर भी व्यवस्था जल्द सुधारने का दबाव बढ़ गया।

एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर एसडीएम प्रभात मिश्रा मौके पर पहुंचे। कृषि विस्तार अधिकारी निराली आर्या के साथ उन्होंने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्या सुनी।

अधिकारियों ने किसानों को समझाया। इसके बाद प्रशासन ने बाकी बचे किसानों के लिए भी टोकन वितरण शुरू कराया। टोकन मिलने के बाद किसानों का प्रदर्शन शांत हुआ और खाद वितरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई।

आधार कार्ड से दो से दस बोरी खाद का वितरण

एसडीएम के अनुसार ई-पोर्टल में तकनीकी दिक्कत आने के बाद किसानों को आधार कार्ड के आधार पर खाद का वितरण किया जा रहा है। किसानों को उनकी जरूरत और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार दो से दस बोरी तक खाद दी जा रही है। चौरई में दो नकद बिक्री केंद्रों के अलावा निजी दुकानों के माध्यम से भी किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है।

किसानों के गुस्से से कर्मचारी भागे

प्रदर्शन के दौरान किसानों का गुस्सा देखकर नकद खाद बिक्री केंद्रों पर तैनात कर्मचारी भी कुछ समय के लिए वहां से चले गए। बताया गया कि दाल मिल में मार्केटिंग और विपणन विभाग की ओर से खाद का वितरण किया जा रहा था। किसानों के आक्रोशित होने के बाद दोनों केंद्रों पर तैनात कर्मचारी वहां से हट गए। हालात सामान्य होने के बाद अधिकारियों ने कर्मचारियों को दोबारा बुलाया। इसके बाद खाद केंद्रों पर टोकन वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

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