सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के धारकुंडी आश्रम मार्ग पर रविवार को राहगीरों की नजर अचानक सड़क पर आए एक वयस्क टाइगर पर पड़ी। जंगल से निकलकर सड़क पार कर रहे बाघ को देखकर लोगों ने अपने वाहन रोक दिए और सुरक्षित दूरी बना ली। इसी दौरान वहां मौजूद एक राहगीर ने पूरी घटना अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली। कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
कुछ देर बाद जंगल में लौटा, फिर सामान्य हुआ आवागमन
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघ कुछ क्षण सड़क पर रुका और फिर आराम से दूसरी ओर जंगल में चला गया। उसके हटते ही दोनों ओर रुका यातायात फिर से सामान्य हो गया। घटना के दौरान किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।
पहले भी कई बार दिख चुका है बाघ और तेंदुओं का मूवमेंट
धारकुंडी आश्रम मार्ग पर वन्यजीवों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी इस मार्ग पर कई बार बाघ और तेंदुओं का मूवमेंट देखा जा चुका है। यही वजह है कि जंगल से गुजरने वाले इस मार्ग पर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
मझगवां रेंज में करीब 25 बाघों की मौजूदगी
सरभंगा क्षेत्र और उससे लगे जंगल विंध्य अंचल में बाघों के महत्वपूर्ण आवास माने जाते हैं। वन विभाग के अनुसार मझगवां रेंज और आसपास के जंगलों में करीब 25 बाघ मौजूद हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों की संख्या बढ़ने के साथ उनका मूवमेंट अब जंगल के भीतर ही नहीं, बल्कि सड़कों और आबादी से सटे क्षेत्रों तक भी दिखाई देने लगा है।
10 साल से लंबित है सरभंगा अभयारण्य का प्रस्ताव
सरभंगा क्षेत्र को अभयारण्य घोषित करने की प्रक्रिया करीब एक दशक से लंबित है। राजनीतिक स्तर पर अंतिम निर्णय नहीं होने के कारण प्रस्ताव अभी तक अमल में नहीं आ सका है। स्थानीय लोगों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र को अभयारण्य का दर्जा मिल जाता है, तो बाघों के संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को भी बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल से गुजरने वाले मार्गों पर सतर्कता बरतें। यदि सड़क या आसपास कोई वन्यजीव दिखाई दे तो उसके नजदीक न जाएं, फोटो या वीडियो बनाने के लिए जोखिम न लें और वन्यजीव को किसी भी तरह परेशान करने का प्रयास न करें।