नई दिल्ली। करीब 15 साल बाद होने जा रही भारत की जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। 2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और पहली बार नागरिकों को ऑनलाइन स्वयं अपनी जानकारी दर्ज (Self-Enumeration) करने की सुविधा भी मिलेगी। बर्फबारी और दुर्गम क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गणना पहले शुरू होगी।
पहली बार डिजिटल होगी जनगणना
केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला किया है। गणनाकर्मी मोबाइल एप के जरिए घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। इसके साथ ही नागरिकों को Self-Enumeration पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने का विकल्प भी मिलेगा। इससे डेटा संग्रहण तेज और अधिक सटीक होने की उम्मीद है।
17 अगस्त से शुरू होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
सरकार के कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त 2026 से ऑनलाइन Self-Enumeration की सुविधा शुरू होगी। इच्छुक नागरिक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और घर से जुड़ी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। बाद में गणनाकर्मी आवश्यक सत्यापन करेंगे।
पहाड़ी और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में 1 सितंबर से शुरुआत
मौसम और बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ प्रभावित क्षेत्रों में 1 सितंबर 2026 से जनगणना शुरू की जाएगी। इन इलाकों में सर्दियों से पहले पूरी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
अन्य राज्यों में चरणबद्ध तरीके से होगी गणना
देश के बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना चरणबद्ध तरीके से होगी। पहले हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सर्वे किया जाएगा, जिसमें मकान, परिवार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी। इसके बाद जनसंख्या गणना (Population Enumeration) के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक, शैक्षणिक और अन्य व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की जाएगी।
जातीय गणना भी होगी शामिल
जनगणना 2027 में पहली बार लंबे अंतराल के बाद जातीय (Caste) विवरण भी एकत्र किया जाएगा। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक श्रेणी, शिक्षा, भाषा, प्रवास, आर्थिक गतिविधि सहित अन्य जानकारियां दर्ज की जाएंगी।
कोई दस्तावेज दिखाना जरूरी नहीं
जनगणना के दौरान आम नागरिकों से आधार, राशन कार्ड या अन्य दस्तावेज दिखाने की अनिवार्यता नहीं होगी। जानकारी व्यक्ति के स्वयं के बयान के आधार पर दर्ज की जाएगी और गणनाकर्मी आवश्यक सत्यापन करेंगे।