सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मेरठ प्रशासन ने डीजे संचालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मेरठ पुलिस लाइन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की अध्यक्षता में पुलिस और जिला प्रशासन ने लगभग 250 डीजे संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है, इसलिए सभी संचालकों को सुरक्षा, कानून व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करना होगा।
क्या-क्या रहेंगे नए नियम
प्रशासन द्वारा जारी प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं—
- डीजे सेट की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट होगी।
- ध्वनि प्रदूषण नियमों के अनुसार निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक आवाज में संगीत नहीं बजाया जाएगा।
- अश्लील, भड़काऊ, सांप्रदायिक या आपत्तिजनक गाने, नारे और उद्घोषणाएं पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।
- डीजे वाहन या अस्थायी ढांचा सड़क पर जाम या बाधा का कारण नहीं बनना चाहिए।
- ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
- किसी भी अफवाह पर ध्यान न देकर तुरंत पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
12 फीट की सीमा क्यों तय की गई
प्रशासन के अनुसार ऊंचे डीजे सेट बिजली की हाईटेंशन लाइनों और अन्य संरचनाओं से टकराने का खतरा पैदा करते हैं। पिछले वर्षों में ऐसे हादसे सामने आने के बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऊंचाई की सीमा तय की गई है। इसी उद्देश्य से यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी की जा रही है।
यह भी पढ़ें: कांवड़ यात्रा 2026: भगवान शिव को गंगाजल क्यों चढ़ाया जाता है? जानिए कब से शुरू होगी यात्रा
सुरक्षा व्यवस्था भी होगी हाईटेक
कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से मजबूत किया गया है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर लगभग 1500 कैमरे लगाने, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से 24 घंटे निगरानी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की व्यवस्था की है, ताकि किसी भी अफवाह या अप्रिय घटना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
ट्रैफिक व्यवस्था में भी बड़े बदलाव
यात्रा के दौरान मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। कई मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, जबकि संवेदनशील स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे। प्रशासन ने आम लोगों से यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
सरकार का फोकस: ‘जीरो इंसीडेंट, जीरो एक्सीडेंट’
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान ‘जीरो इंसीडेंट, जीरो एक्सीडेंट’ का लक्ष्य रखा जाए। इसके लिए अंतरराज्यीय समन्वय, ट्रैफिक प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।