दतिया उपचुनाव: सियासी घमासान तेज, दिग्गजों की एंट्री से चुनावी रण गरमाया

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार अंतिम दौर में पहुंच गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत कई बड़े नेताओं ने दतिया में लगातार जनसभाएं और रोड शो किए हैं।

दतिया में क्यों हो रहा है उपचुनाव

दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि इस सीट से निर्वाचित कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता न्यायालय के फैसले के बाद समाप्त हो गई थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की। मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त 2026 को होगी।

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कौन-कौन हैं चुनाव मैदान में

इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है।

  • भाजपा: आशुतोष तिवारी
  • कांग्रेस: कुंवर घनश्याम सिंह

इसके अलावा कुछ निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। इनमें किन्नर महामंडलेश्वर संजना सिंह भी अपने अनोखे प्रचार अभियान के कारण चर्चा में हैं। वे घर-घर जाकर मतदाताओं का नजर उतारकर आशीर्वाद देने के साथ वोट मांग रही हैं।

भाजपा का फोकस विकास पर

प्रचार के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दतिया में रोड शो और जनसभाएं कीं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में वोट मांगे और कहा कि प्रदेश सरकार विकास को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने दतिया क्षेत्र के लिए बड़ी विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हैं। पार्टी स्थानीय विकास कार्यों और राज्य सरकार की योजनाओं को चुनावी मुद्दा बना रही है।

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कांग्रेस ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश के आरोप लगाए। उन्होंने किसानों, बेरोजगारी, स्थानीय समस्याओं और ओबीसी आरक्षण जैसे मुद्दों को चुनाव में प्रमुखता से उठाया। हाल ही में उनके कुछ बयानों को लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत भी की है।

चुनावी माहौल में बढ़ी तल्खी

जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, चुनावी बयानबाजी भी तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर भाजपा विकास के नाम पर वोट मांग रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेर रही है। इसी बीच चुनाव प्रचार के दौरान कुछ स्थानों पर तनाव और शिकायतों की घटनाएं भी सामने आई हैं।

प्रशासन की तैयारी पूरी

निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। चुनाव आयोग पहले ही कुछ पुलिस अधिकारियों का तबादला कर निष्पक्ष चुनाव कराने का संदेश दे चुका है।

किसकी है असली परीक्षा

दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा। इसे भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ भाजपा इस सीट को अपने कब्जे में लेना चाहती है, वहीं कांग्रेस इसे बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। 30 जुलाई को होने वाला मतदान तय करेगा कि मतदाता विकास के मुद्दे को प्राथमिकता देते हैं या विपक्ष के उठाए सवालों को।

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