मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के 14 श्रमिकों को रोजगार दिलाने के नाम पर कर्नाटक ले जाकर कथित रूप से बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने कर्नाटक के पार्टी नेताओं और पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर मामले में हस्तक्षेप किया। इसके बाद सभी श्रमिकों को मुक्त करा लिया गया और वे ट्रेन से मऊगंज के लिए रवाना हो गए।
16 जुलाई को रोजगार के लिए गए थे कर्नाटक
जानकारी के अनुसार मऊगंज जिले के घुरेहटा गांव के 14 श्रमिक 16 जुलाई को नागपुर के एक युवक के माध्यम से कर्नाटक के मांड्या जिले पहुंचे थे। उन्हें एक फैक्ट्री में 1000 प्रतिदिन मजदूरी देने का वादा किया गया था।
लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें केवल 400 प्रतिदिन दिए जा रहे थे। श्रमिकों का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और करीब 50 हजार भी उनसे ले लिए गए।
किसी तरह समाजसेवी तक पहुंची सूचना
सोमवार को एक श्रमिक ने किसी तरह मऊगंज क्षेत्र के समाजसेवी विपिन त्रिपाठी से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद मामला पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना तक पहुंचा।
पूर्व विधायक ने तत्काल कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर श्रमिकों की सुरक्षा और रिहाई के लिए पहल की। इसके बाद सभी श्रमिकों को मुक्त करा लिया गया।
सुरक्षित घर लौट रहे सभी श्रमिक
बताया गया है कि सभी 14 श्रमिक अब ट्रेन के जरिए मऊगंज लौट रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद रोजगार के नाम पर दूसरे राज्यों में ले जाए जाने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।