MP Weather: सतना-पन्ना समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल। डिजिटल डेस्क

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पूर्वी और मध्य हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने के बीच मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विंध्य क्षेत्र में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

पन्ना और टीकमगढ़ में अति भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 18 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक 19 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से 20 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक पन्ना, नरसिंहपुर और टीकमगढ़ में कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक की भी संभावना है।

पन्ना के लिए यह चेतावनी खास महत्वपूर्ण है, क्योंकि जिले के कई ग्रामीण और निचले इलाकों में तेज बारिश के दौरान जलभराव और स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

विंध्य में भी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी के साथ शहडोल, जबलपुर, मंडला, दमोह, सागर, छतरपुर और कटनी में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

सतना में पिछले 24 घंटे के दौरान भी बारिश दर्ज की गई। IMD के आंकड़ों में सतना में 5.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि नागौद में 24 मिमी और उंचेहरा में 9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

अगले दो दिन भी मौसम रहेगा सक्रिय

बारिश का असर केवल 19 अगस्त तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। IMD के पूर्वानुमान में 20 अगस्त को सतना, पन्ना, कटनी, दमोह, छतरपुर और मैहर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है।

इसके बाद 21 अगस्त को भी सतना, पन्ना और मैहर समेत कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। यानी विंध्य और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ होने के आसार कम हैं।

बारिश के साथ बढ़ सकता है जलभराव का खतरा

IMD ने भारी और अति भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी और छोटे पुलों-सड़कों पर पानी आने की आशंका जताई है। कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।

बारिश के दौरान नदी, नाले, जलप्रपात और ऐसे स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, जहां अचानक पानी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने को कहा है।

किसानों के लिए भी जरूरी है मौसम का अपडेट

लगातार बारिश का असर खेती पर भी पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने की स्थिति में फसलों को नुकसान हो सकता है। IMD ने भारी बारिश के दौरान सिंचाई, कटाई और उर्वरक के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है।

खासकर निचले खेतों और जल निकासी की कमजोर व्यवस्था वाले इलाकों में किसानों को मौसम पर नजर रखने की जरूरत है।

बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम का असर

मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड और उससे लगे पश्चिम बंगाल के ऊपर बना अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था। इसके अगले 24 घंटे में कमजोर होकर अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई थी। इसी मौसम प्रणाली और मानसून ट्रफ की सक्रियता का असर मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के रूप में देखने को मिल रहा है।

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