सतना जिले के ओईला स्थित नीलकंठ आश्रम में ब्रह्मलीन महंत स्वामी बममहादेव दास की प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिलने के बाद विवाद गहरा गया। घटना से श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई, वहीं पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रतिमा स्थापना के दौरान हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई की सुबह नीलकंठ आश्रम के वर्तमान महंत सुंदरदास महाराज आरती के बाद ब्रह्मलीन स्वामी बममहादेव दास की प्रतिमा स्थापना की पूजा कर रहे थे। इस दौरान न्यास के सदस्य और कई श्रद्धालु भी मौजूद थे।
इसी बीच तीन लोग मौके पर पहुंचे और प्रतिमा स्थापना का विरोध करने लगे। आरोप है कि उन्होंने महंत और न्यास के सदस्यों से विवाद करते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और माहौल तनावपूर्ण बना दिया।
कमरे में घुसे, बाद में क्षतिग्रस्त मिली प्रतिमा
शिकायत के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी उस कमरे में भी घुस गए, जहां प्रतिमा रखी हुई थी। कुछ देर बाद जब वे वहां से चले गए और श्रद्धालुओं ने प्रतिमा का निरीक्षण किया तो उसके हाथ का अंगूठा टूटा हुआ मिला। प्रतिमा क्षतिग्रस्त देख आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। इसके बाद मामले की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई।
तीन आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला
प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने ज्ञानेन्द्र उर्फ गोलू सिंह, राजराम उर्फ राजन तिवारी और सचिन उर्फ सचीन्द्र सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(ए), 351(3) और 299 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जुटा रही साक्ष्य
जांच अधिकारी घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और आरोपियों की भूमिका क्या रही।