पंजाब में दो सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा और कृषि विकास अधिकारी (ADO) भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने भगवंत मान सरकार को घेरा है, जबकि सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया है।
पहला मामला: फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा
विवाद की शुरुआत फार्मासिस्ट (फार्मेसी ऑफिसर) भर्ती परीक्षा से हुई। परीक्षा के दौरान हाई-टेक नकल गिरोह का खुलासा हुआ और पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास ब्लूटूथ डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य तकनीकी संसाधन मिले, जिनकी मदद से परीक्षार्थियों तक जवाब पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में प्रश्नपत्र पहले से लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक मिले साक्ष्य संगठित चीटिंग रैकेट की ओर इशारा करते हैं, जबकि विपक्ष इसे पेपर लीक का मामला बता रहा है।
दूसरा मामला: कृषि विकास अधिकारी भर्ती
दूसरा विवाद कृषि विकास अधिकारी (Agriculture Development Officer-ADO) भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। विपक्ष का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं और पारदर्शिता नहीं बरती गई। इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
सरकार का कहना है कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
इन दोनों मामलों को लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है कि उसकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस और सरकार का पक्ष
फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में पेपर पहले से लीक होने के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। जांच अभी जारी है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।