कटनी। डिजिटल डेस्क।
कटनी में छात्र संघ चुनाव समेत विभिन्न मांगों को लेकर NSUI ने बुधवार को छात्र अधिकार पैदल मार्च निकाला। गणेश चौक से कचहरी चौक तक निकले मार्च को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और कई छात्रों व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव की मांग
NSUI का कहना है कि प्रदेश में करीब नौ साल से छात्र संघ चुनाव बंद हैं। हाई कोर्ट से चुनावों को लेकर रास्ता साफ होने के बाद संगठन ने सरकार से प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग की है।
इसके अलावा कटनी में PPP मॉडल के बजाय शासकीय मेडिकल कॉलेज, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और लॉ कॉलेज स्थापित करने की मांग उठाई गई। लीड तिलक कॉलेज को स्वायत्त कॉलेज का दर्जा देने की मांग भी प्रदर्शन में शामिल रही।
बारिश के बीच छात्रों ने निकाला मार्च
प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे और जिला अध्यक्ष अजय खटिक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और कांग्रेस कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए। भारी बारिश के बीच प्रदर्शनकारी गणेश चौक से कचहरी चौक की ओर बढ़े।
पुलिस ने कचहरी चौक से पहले बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। NSUI कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़कर ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
वाटर कैनन के बाद गिरफ्तारियां
पुलिस कार्रवाई के बाद कई छात्र और कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए। प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए। NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे समेत कुछ नेताओं को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
NSUI बोली- मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि संगठन छात्र हित के मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।
युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग उठाई। उन्होंने PPP मॉडल पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर सवाल उठाते हुए शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग की।
NSUI जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया।