जेल में गूंजा ‘ॐ नमः शिवाय’, बंदियों ने बनाए शिवलिंग

श्रावण एकादशी पर जेल परिसर में हुआ धार्मिक आयोजन

पवई। जेल की चारदीवारी में जहां आमतौर पर अनुशासन और सख्ती का माहौल रहता है, वहीं श्रावण एकादशी पर सब जेल पवई में भक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला। बंदियों ने मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाए और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा की। श्रावण मास की एकादशी पर सब जेल पवई में धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन किया गया। जेल परिसर में बंदियों ने मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाए और भगवान आशुतोष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरे जेल परिसर में ‘ॐ नमः शिवाय’ का मंत्रोच्चार गूंजता रहा। आयोजन के दौरान बंदियों ने श्रद्धा के साथ भगवान शिव का पूजन किया। श्रावण एकादशी पर पवई सब जेल में हुआ यह आयोजन बंदियों के बीच आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की एक पहल के रूप में सामने आया।

गुरुदेव के मार्गदर्शन में बनाया पार्थिव शिवलिंग

डॉ. रजनीश शास्त्री जी, गुरुदेव की गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन में बंदियों ने पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके बाद विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया गया। धार्मिक आयोजन के दौरान जेल परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।

आत्मशुद्धि और सकारात्मक बदलाव का दिया संदेश

आयोजन का उद्देश्य बंदियों के भीतर आध्यात्मिक चेतना, आत्मशुद्धि, संयम और सदाचार की भावना को बढ़ावा देना रहा। श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के माध्यम से बंदियों को आत्मचिंतन और सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

जेल स्टाफ भी रहा मौजूद

कार्यक्रम में जेलर अभिमन्यु पाण्डेय सहित जेल का अन्य स्टाफ मौजूद रहा। बंदियों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। आयोजन के माध्यम से शांति, संयम और सद्भाव का संदेश दिया गया। जेल प्रशासन की ओर से इस तरह के धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों को बंदियों के सकारात्मक बदलाव से जोड़कर देखा गया।

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