रीवा D-Mart में 1.29 लाख का गोवर्धन घी जब्त, जांच में असुरक्षित

रीवा। मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने गुढ़ रोड, बदरांव स्थित D-Mart स्टोर की जांच की। इस दौरान गोवर्धन ब्रांड के देशी घी का स्टॉक मिला। विभाग ने 198 डिब्बे जब्त कर लिए। जब्त घी की पैकिंग 200 मिलीलीटर, 500 मिलीलीटर और 1 लीटर की बताई गई है। पूरे स्टॉक की बाजार कीमत करीब 1 लाख 29 हजार रुपए आंकी गई है। कार्रवाई की पुष्टि स्थानीय रिपोर्ट में भी हुई है।

जांच में स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया गया उत्पाद

खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, गोवर्धन ब्रांड देशी घी का नमूना पहले भोपाल में जांच के लिए भेजा गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित उत्पाद को मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित श्रेणी में पाया गया। इसके बाद आयुक्त खाद्य सुरक्षा, भोपाल के निर्देश पर रीवा में कार्रवाई की गई।

अधिकारी अमरीश दुबे के मुताबिक यह कार्रवाई मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत की गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीम ने संबंधित स्टोर से घी का स्टॉक जब्त किया।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कार्रवाई संबंधित जांच और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर हुई है। पूरे ब्रांड के हर उत्पाद को मिलावटी घोषित करने का दावा इस कार्रवाई से नहीं किया जा सकता।

पुणे में तैयार होता है गोवर्धन ब्रांड घी

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, जब्त किया गया गोवर्धन ब्रांड घी पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड, पुणे में तैयार किया गया है। रीवा में कार्रवाई के बाद विभाग अब यह भी पता लगा रहा है कि इस ब्रांड का घी शहर के किन-किन स्टोर में सप्लाई किया गया है। इसी वजह से अन्य दुकानों और स्टोर की भी छानबीन की जा रही है। वहां उपलब्ध स्टॉक के नमूने लिए जाने की संभावना है।

निर्माता और D-Mart के खिलाफ होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमरीश दुबे के अनुसार यदि असुरक्षित श्रेणी की मिलावट की पुष्टि होती है तो निर्माता कंपनी और संबंधित विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के संबंधित डायरेक्टर्स और D-Mart के एरिया मैनेजर ललित भारद्वाज की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारी के मुताबिक, प्रकरण तैयार होने के बाद इसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

इंदौर में भी 25 हजार लीटर घी पर लगी रोक

रीवा की कार्रवाई से पहले इंदौर में भी इसी ब्रांड को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई थी। 6 अगस्त को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एबी रोड स्थित पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के डिपो का निरीक्षण किया था। यह डिपो मध्य प्रदेश में गोवर्धन ब्रांड घी की सप्लाई से जुड़ा बताया गया है।

कार्रवाई के दौरान अलग-अलग पैकिंग के 20 नमूने जांच के लिए लिए गए। साथ ही करीब 25 हजार लीटर घी की बिक्री पर रोक लगा दी गई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपए बताई गई है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि इंदौर में बिक्री पर रोक जांच रिपोर्ट आने तक लगाई गई है। इसलिए इसे अभी अंतिम रूप से मिलावट साबित होना नहीं कहा जा सकता।

अब दूसरे स्टोरों की भी जांच

रीवा में 198 डिब्बे जब्त किए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर अब दूसरे स्टोरों पर भी है। विभाग यह पता कर रहा है कि गोवर्धन ब्रांड घी की सप्लाई किन-किन दुकानों तक हुई है। यदि दूसरे स्टोरों पर भी यही स्टॉक मिलता है तो वहां से नमूने लेकर जांच की जा सकती है।

इस कार्रवाई का असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। खासकर उन लोगों के बीच, जो हाल में इस ब्रांड का घी खरीद चुके हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि बाजार में मौजूद हर पैक असुरक्षित है। किसी विशेष बैच या उत्पाद की स्थिति जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी।

खाद्य विभाग के अभियान में बढ़ी निगरानी

मध्य प्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत दूसरे राज्यों से आने वाले दूध और उससे बने उत्पादों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।

इंदौर में हुई कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग और FSSAI की टीम ने गोवर्धन घी के नमूने लिए थे। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की बात कही गई है। रीवा की कार्रवाई इसी व्यापक अभियान का हिस्सा बताई गई है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या जरूरी है

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं के लिए भी सावधानी जरूरी है। यदि किसी उपभोक्ता के पास संबंधित ब्रांड का घी है तो उसे बैच नंबर, पैकिंग तारीख और उत्पाद विवरण संभालकर रखना चाहिए। विभाग की आगे की जांच में इन्हीं जानकारियों से किसी खास बैच की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

साथ ही, बिना आधिकारिक जांच रिपोर्ट के सोशल मीडिया पर किसी पूरे ब्रांड को लेकर निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए। रीवा में फिलहाल कार्रवाई का दायरा जब्त किए गए स्टॉक और संबंधित जांच तक है। अब विभागीय कार्रवाई और आगे आने वाली रिपोर्ट से तस्वीर और साफ होगी।

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

रीवा में 1.29 लाख रुपए का घी जब्त होने के बाद मामला सिर्फ एक D-Mart स्टोर तक सीमित नहीं रह गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग अब दूसरे स्टोरों में भी इसकी सप्लाई की जांच कर रहा है।

वहीं इंदौर में 25 हजार लीटर घी की बिक्री पर रोक लगने से मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। वहां लिए गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर कितना खरा उतरता है।

फिलहाल रीवा में हुई कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

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