सतना। जिला अस्पताल में रविवार को सुबह करीब साढ़े 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक बिजली बंद रही। अस्पताल प्रबंधन ने जनरेटर और डीसी सेट चलाकर व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन ब्लड बैंक का ऑनलाइन सिस्टम ठप हो गया।
ऑनलाइन सिस्टम बंद होने के कारण मरीजों को ब्लड इश्यू करने की प्रक्रिया रुक गई। ब्लड के लिए पहुंचे मरीजों के परिजनों को जब परेशानी हुई तो उन्होंने शोर-शराबा शुरू कर दिया। धीरे-धीरे स्थिति हंगामे जैसी बनने लगी।
ऑफलाइन ब्लड इश्यू शुरू होने के बाद भी इंतजार
हालात बिगड़ते देख ब्लड बैंक से ऑफलाइन ब्लड इश्यू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि इसके बाद भी मरीजों के परिजनों को ब्लड के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
ब्लड बैंक के बाहर बड़ी संख्या में लोग कतार में नजर आए। इनमें ऐसे परिजन भी शामिल थे, जिनके मरीज दूसरे निजी अस्पतालों में भर्ती हैं और उन्हें सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से रक्त लेना था।
मैहर से भी ब्लड लेने पहुंचे थे परिजन
ब्लड के लिए मैहर जिले से भी परिजन सतना पहुंचे थे। बिजली बंद होने और ऑनलाइन सिस्टम ठप होने के कारण उन्हें भी काफी देर इंतजार करना पड़ा।
ब्लड बैंक के बाहर भीड़ बढ़ने से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी साफ नजर आई। राहत की बात यह रही कि रविवार को अवकाश था। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सामान्य कार्यदिवस होता तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी।
बिजली आने के बाद ऑनलाइन किया गया रिकॉर्ड
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बिजली आने के बाद ऑफलाइन जारी किए गए ब्लड का रिकॉर्ड दोबारा ऑनलाइन किया गया। इस मामले में ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. तेजस्विनी द्विवेदी से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने कहा कि अगर ऐसी स्थिति बनी है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
300 मीटर आर्मर्ड केबल बदली गई
जिला अस्पताल परिसर में बिजली की समस्या को दूर करने के लिए रविवार को करीब 300 मीटर लंबी आर्मर्ड केबल बदली गई। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, ट्रॉमा सेंटर के सामने ट्रांसफार्मर से डायलिसिस यूनिट तक जाने वाली केबल काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। इसके कारण आए दिन फाल्ट की समस्या सामने आ रही थी।
बिजली विभाग के सिटी मेंटेनेंस प्रभारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि करीब 300 मीटर केबल बदल दी गई है। इसके बाद फाल्ट की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।