सतना। सेंट्रल जेल में सजा काट रहे 10 बंदियों में हेपेटाइटिस B और C का संक्रमण मिला है। स्वास्थ्य जांच अभियान के तहत सेंट्रल जेल के साथ नागौद और मैहर उपजेल में बंदियों की जांच कराई गई थी। 27 जुलाई से 7 अगस्त तक चले अभियान में कुल 1556 बंदियों की जांच की गई। सेंट्रल जेल में सात पुरुष बंदी हेपेटाइटिस B और तीन बंदी हेपेटाइटिस C पॉजिटिव पाए गए। राहत की बात यह रही कि नागौद और मैहर उपजेल में जांच के दौरान किसी बंदी में हेपेटाइटिस B-C संक्रमण मिलने की जानकारी नहीं है। पॉजिटिव मिले सभी 10 बंदी पुरुष हैं।
अब वायरल लोड और बेसलाइन टेस्ट की तैयारी
हेपेटाइटिस B-C पॉजिटिव मिले बंदियों का अब वायरल लोड और बेसलाइन टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए उनके ब्लड सैंपल प्रिजर्व कर लिए गए हैं। सैंपल जांच के लिए बाहर भेजे जाएंगे। बताया गया है कि जांच रिपोर्ट तीन से चार दिन में मिलने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया तय की जाएगी।
नोडल ऑफिसर डॉ. प्रदीप गौतम के मुताबिक, वायरल लोड निर्धारित मानक से अधिक मिलने पर संबंधित बंदियों का इलाज शुरू किया जाएगा।
वायरल लोड की रिपोर्ट के बाद इलाज पर फैसला
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वायरल लोड 20 हजार से अधिक मिलने पर इलाज शुरू किया जाएगा। इससे कम वायरल लोड आने की स्थिति में छह महीने बाद दोबारा जांच कराई जाएगी।
समय रहते संक्रमण की पहचान और चिकित्सकीय निगरानी लिवर को होने वाले गंभीर नुकसान के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण होती है। जिला अस्पताल में भी हेपेटाइटिस से संबंधित 58 मरीज रजिस्टर्ड बताए गए हैं।
क्या है हेपेटाइटिस B और C
हेपेटाइटिस लिवर में सूजन से जुड़ी स्थिति है, जिसके कई कारण हो सकते हैं। वायरल हेपेटाइटिस के प्रमुख प्रकार A, B, C, D और E हैं।
हेपेटाइटिस B और C संक्रमण कुछ लोगों में लंबे समय तक बना रह सकता है। ऐसी स्थिति में समय पर जांच, डॉक्टर की निगरानी और आवश्यक उपचार महत्वपूर्ण होता है।
नोडल ऑफिसर बोले- रिपोर्ट के बाद शुरू होगा इलाज
नोडल ऑफिसर डॉ. प्रदीप गौतम ने बताया कि केंद्रीय जेल में हेपेटाइटिस से पीड़ित बंदी मिले हैं। वायरल लोड की जांच के लिए उनके ब्लड सैंपल लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में वायरल लोड निर्धारित मानक से अधिक आने पर इलाज शुरू किया जाएगा।