क्या अब 2000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करना महंगा पड़ सकता है? Google Pay, PhonePe, Paytm और BHIM जैसे ऐप इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के बीच यही सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, सरकार के एक नए प्रस्ताव के बाद UPI पर Merchant Discount Rate (MDR) की वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं।
क्या है पूरा मामला?’
भारत में UPI आज सबसे लोकप्रिय डिजिटल भुगतान माध्यम बन चुका है। हर महीने अरबों रुपये के लेनदेन Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM और अन्य UPI ऐप्स के जरिए हो रहे हैं।
इसी बीच केंद्र सरकार ने Payment and Settlement Systems (PSS) Act में संशोधन का मसौदा (Draft Amendment) जारी किया है। इस प्रस्ताव में भविष्य में जरूरत पड़ने पर Merchant Discount Rate (MDR) लगाने का कानूनी प्रावधान शामिल किया गया है। यहीं से 2000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगने की चर्चा शुरू हुई।
MDR आखिर होता क्या है
MDR यानी Merchant Discount Rate। जब कोई ग्राहक डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है, तो उस लेनदेन पर बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को एक शुल्क मिलता है। इसे MDR कहा जाता है। साल 2020 से UPI और RuPay आधारित भुगतान पर MDR को शून्य (Zero MDR) कर दिया गया था ताकि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिल सके।
किस ट्रांजैक्शन पर लग सकता है चार्ज
प्रस्ताव के अनुसार चर्चा 2000 से अधिक के Merchant UPI Payment को लेकर है। यानी जब ग्राहक किसी दुकान, मॉल, होटल, अस्पताल या कारोबारी प्रतिष्ठान पर UPI से भुगतान करेगा, तब MDR लागू करने का विकल्प भविष्य में खुल सकता है।
क्या दोस्त या परिवार को पैसे भेजने पर भी चार्ज लगेगा
व्यक्ति से व्यक्ति (Person-to-Person या P2P) UPI ट्रांसफर पर किसी तरह का नया शुल्क प्रस्तावित नहीं है। यानी अगर आप किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिचित को UPI से पैसे भेजते हैं, तो फिलहाल उस व्यवस्था में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं है।
सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है
UPI ट्रांजैक्शन लगातार बढ़ रहे हैं। बैंक और पेमेंट कंपनियों का कहना है कि इतने बड़े डिजिटल नेटवर्क को संचालित करने में भारी लागत आती है। Zero MDR होने के कारण उन्हें इस सेवा से पर्याप्त आय नहीं मिलती। इसी वजह से सरकार ने कानून में ऐसा प्रावधान जोड़ने का प्रस्ताव रखा है जिससे भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर MDR लागू किया जा सके।
क्या ग्राहकों को जेब से पैसे देने होंगे
अभी ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है। यदि भविष्य में MDR लागू होता है तो सामान्य तौर पर यह शुल्क व्यापारी (Merchant) से लिया जाता है। हालांकि कुछ व्यापारी इसकी लागत अपने उत्पादों या सेवाओं की कीमत में जोड़ सकते हैं। लेकिन यह पूरी तरह उनके व्यावसायिक निर्णय पर निर्भर करेगा।
Google Pay, PhonePe और Paytm यूजर्स पर क्या असर होगा
यदि प्रस्ताव भविष्य में लागू होता है तो UPI ऐप्स पहले की तरह ही काम करेंगे।
बदलाव केवल भुगतान व्यवस्था के शुल्क मॉडल में हो सकता है। ऐप इस्तेमाल करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं होगा।
अभी क्या करना चाहिए
फिलहाल UPI उपयोगकर्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
अभी सरकार ने कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की है। यह केवल मसौदा प्रस्ताव है, जिस पर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। अंतिम निर्णय के बाद ही कोई नया नियम लागू होगा।