सतना। वन परिक्षेत्र सतना के कोठी सर्किल अंतर्गत ग्राम गुलुवा में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात तेंदुए के हमले से हड़कंप मच गया। गांव निवासी रामसोहन पाल उर्फ बिट्टू के घर के बाहर बने बाड़े में बंधी भेड़ों पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया। बुधवार सुबह जब परिवार के लोग बाड़े में पहुंचे तो 8 भेड़ें मृत मिलीं, जबकि 6 अन्य भेड़ें गंभीर रूप से घायल थीं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई।
वन विभाग ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रेंजर शुभम दुबे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में तेंदुए के हमले की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, सुबह से हो रही बारिश के कारण घटनास्थल पर किसी जंगली जानवर के पैरों के निशान नहीं मिल सके। ऐसे में वन विभाग अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रहा है।
एक महीने में चौथी घटना से ग्रामीणों में दहशत
कोठी और आसपास के वन क्षेत्रों में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गई है। पिछले एक महीने में पशुओं पर हमले की यह चौथी घटना है।
- 9 जुलाई को कोठी वन क्षेत्र के शिवसागर और मौहार गांव में तेंदुए ने कई भेड़-बकरियों का शिकार किया था।
- 22 जुलाई को चित्रकूट क्षेत्र के साड़ा गांव में भी तेंदुए के हमले में कई बकरियां मारी गई थीं।
- अब गुलुवा गांव की घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से की सुरक्षा की मांग
लगातार हो रहे हमलों के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से रात में गश्त बढ़ाने, तेंदुए की निगरानी करने और प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आबादी क्षेत्र में बड़ा हादसा भी हो सकता है।