सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ मिनटों के लिए छाया अंधेरा
नई दिल्ली। आसमान में दिन के उजाले के बीच अचानक अंधेरा छाया और सूर्य एक चमकते हुए छल्ले में बदल गया। 12 अगस्त 2026 का Total Solar Eclipse दुनिया के कई हिस्सों में बेहद रोमांचक नजारा लेकर आया। स्पेन से लेकर आइसलैंड तक लोगों ने इस खगोलीय घटना को कैमरों में कैद किया, जबकि NASA ने भी इसकी लाइव तस्वीरें प्रसारित कीं।
चांद ने ढक लिया सूर्य
12 अगस्त 2026 को दुनिया ने साल की सबसे चर्चित खगोलीय घटनाओं में से एक पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा। जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ गया तो कुछ क्षेत्रों में सूर्य का पूरा प्रकाश कुछ समय के लिए ढक गया।
स्पेन के कई हिस्सों से ग्रहण के शानदार दृश्य सामने आए। NASA की लाइव कवरेज में सूर्य का धीरे-धीरे सिकुड़ता हुआ चमकीला हिस्सा और फिर पूर्ण ग्रहण के दौरान दिखाई देती सूर्य की बाहरी परत बेहद आकर्षक नजर आई।
स्पेन में दिखा पूर्ण सूर्य ग्रहण
पूर्ण ग्रहण की पट्टी स्पेन, आइसलैंड, ग्रीनलैंड और उत्तरी रूस समेत कुछ अन्य क्षेत्रों से होकर गुजरी। पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में भी पूर्ण ग्रहण का अनुभव हुआ। वहीं यूरोप के कई अन्य हिस्सों और उत्तरी अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई दिया।
स्पेन में ग्रहण का दृश्य इसलिए भी खास रहा क्योंकि कई जगहों पर सूर्य क्षितिज के काफी करीब था। इस वजह से आसमान में ढलते सूर्य और ग्रहण का संयोजन बेहद खूबसूरत दिखाई दिया।
पूर्ण ग्रहण के दौरान दिखी सूर्य की कोरोना
पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य की चमकीली डिस्क को पूरी तरह ढक देता है। इसके बाद सूर्य के चारों ओर हल्की चमकती हुई कोरोना दिखाई देती है।
NASA के वैज्ञानिकों के लिए भी यह चरण बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि सामान्य परिस्थितियों में सूर्य की तेज रोशनी के कारण कोरोना को देखना मुश्किल होता है। पूर्ण ग्रहण के दौरान सूर्य की चमकीली सतह ढक जाने से कोरोना का अध्ययन किया जा सकता है।
डायमंड रिंग और Baily’s Beads ने बढ़ाई खूबसूरती
पूर्ण ग्रहण से ठीक पहले और उसके बाद सूर्य की रोशनी के छोटे-छोटे हिस्से चंद्रमा के किनारे से दिखाई दे सकते हैं। इन्हें Baily’s Beads कहा जाता है।
इसके बाद कुछ क्षणों के लिए सूर्य एक चमकती हुई अंगूठी या Diamond Ring Effect जैसा नजर आ सकता है। NASA और अन्य लाइव कवरेज में ग्रहण के दौरान ऐसे दृश्य भी देखने को मिले।
कुछ मिनटों का अंधेरा, लेकिन नजारा यादगार
पूर्ण सूर्य ग्रहण का सबसे रोमांचक हिस्सा बहुत कम समय तक रहता है। NASA के अनुसार 2026 के ग्रहण में जमीन से अधिकतम करीब 2 मिनट 18 सेकंड तक कोरोना देखने का अवसर मिला। हालांकि पूरे ग्रहण की आंशिक अवस्थाएं इससे काफी ज्यादा समय तक चलती रहीं।
पूर्णता के दौरान दिन के समय अचानक अंधेरा छाने लगता है। तापमान में बदलाव महसूस हो सकता है और वातावरण का स्वरूप कुछ देर के लिए असामान्य दिखाई देता है।
भारत में नहीं दिखाई दिया ग्रहण
भारत में इस पूर्ण सूर्य ग्रहण को सीधे आसमान में नहीं देखा जा सका। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के उपलब्ध ग्रहण विवरण में भी 12 अगस्त 2026 के इस सूर्य ग्रहण को भारत में दिखाई नहीं देने वाला बताया गया है।
भारत में रहने वाले लोगों के लिए NASA और अन्य संस्थाओं की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम इस खगोलीय घटना को देखने का प्रमुख माध्यम बनी।
NASA ने की विशेष लाइव कवरेज
NASA ने 12 अगस्त के पूर्ण सूर्य ग्रहण के लिए विशेष लाइव कवरेज की व्यवस्था की थी। इसमें धरती से दूर-दूर के स्थानों से आने वाली तस्वीरों के साथ वैज्ञानिक और विशेषज्ञ ग्रहण के अलग-अलग चरणों की जानकारी देते नजर आए।
NASA ने ग्रहण के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए जमीन के अलावा विमान और अंतरिक्ष-आधारित उपकरणों से भी observations पर जोर दिया। पूर्ण सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों को सूर्य के वातावरण और पृथ्वी के आसपास के अंतरिक्ष वातावरण का अध्ययन करने का विशेष अवसर देता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान आंखों की सुरक्षा जरूरी
सूर्य ग्रहण को बिना उचित सुरक्षा के सीधे देखना आंखों के लिए गंभीर नुकसानदायक हो सकता है। आंशिक ग्रहण के दौरान सूर्य का बचा हुआ चमकीला हिस्सा भी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।
ऐसे में प्रमाणित solar eclipse glasses या उचित solar filters का इस्तेमाल जरूरी है। सामान्य धूप के चश्मे से सूर्य ग्रहण को सीधे देखना सुरक्षित नहीं माना जाता।
2026 का ग्रहण क्यों रहा खास
12 अगस्त का सूर्य ग्रहण इसलिए खास रहा क्योंकि इसकी totality की पट्टी यूरोप के कुछ हिस्सों से होकर गुजरी। NASA के अनुसार उत्तरी स्पेन और आइसलैंड उन प्रमुख स्थानों में शामिल रहे जहां पूर्ण ग्रहण देखा जा सकता था।
यह घटना केवल खगोल प्रेमियों के लिए ही नहीं बल्कि वैज्ञानिकों और फोटोग्राफरों के लिए भी खास अवसर बनी। ग्रहण के दौरान सूर्य की कोरोना, Baily’s Beads और Diamond Ring जैसे दृश्य कैमरों में रिकॉर्ड किए गए।