क्या राजनीतिक पार्टी बनेगी CJP? अभिजीत दीपके ने दिया बड़ा जवाब

परीक्षा पेपर लीक और युवाओं के आंदोलन से राष्ट्रीय पहचान बनाने वाली Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि उनका संगठन फिलहाल राजनीतिक पार्टी बनकर चुनाव लड़ने की तैयारी में नहीं है। उनका कहना है कि देश को इस समय नई पार्टी नहीं, बल्कि ऐसा जन आंदोलन चाहिए जो संस्थाओं में जनता का भरोसा और जवाबदेही बहाल कर सके।

कहां और कब दिया यह बयान

अभिजीत दीपके ने यह बयान महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने घर पर मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। यह बातचीत उस समय हुई जब CJP की कोर टीम 5 और 6 अगस्त को होने वाली दो दिवसीय रणनीतिक बैठक की तैयारी कर रही थी, जिसमें संगठन की आगे की दिशा तय की जानी है।

क्या कहा अभिजीत दीपके ने

जब उनसे पूछा गया कि क्या CJP अब एक राजनीतिक दल बनकर चुनाव लड़ेगी, तो दीपके ने कहा कि आंदोलन इसलिए सफल हुआ क्योंकि अलग-अलग विचारधाराओं और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग एक साझा मुद्दे पर एकजुट हुए।

उन्होंने कहा कि अभी भारत को नई राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन (Public Movement) की जरूरत है, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं में भरोसा और जवाबदेही को मजबूत करे।

चुनाव लड़ने से अभी क्यों बनाया फासला

दीपके का कहना है कि यदि अभी संगठन को राजनीतिक पार्टी में बदल दिया गया, तो उसका मूल उद्देश्य कमजोर पड़ सकता है। उनका कहना है कि पहले देशभर के युवाओं से संवाद कर उनकी प्राथमिकताओं को समझना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि बड़ी संख्या में लोग चाहेंगे, तो चुनावी राजनीति पर विचार किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।

किस परिप्रेक्ष्य में आया यह बयान

यह बयान उस समय आया है जब CJP के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलनों ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा। परीक्षा पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं की बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद CJP की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।

इसी वजह से लगातार यह अटकलें लग रही थीं कि क्या CJP अब चुनावी राजनीति में उतरकर नई पार्टी बनाएगी। दीपके का ताजा बयान इन्हीं अटकलों का जवाब माना जा रहा है।

अब क्या करेगी CJP

डिपके के अनुसार CJP अगले चरण में देशभर के युवाओं से सीधे संवाद करेगी। संगठन एक ‘Listening Tour’ की तैयारी कर रहा है, जिसके जरिए विभिन्न राज्यों में जाकर युवाओं की समस्याएं और अपेक्षाएं सुनी जाएंगी। इन्हीं सुझावों के आधार पर आंदोलन का एजेंडा तैयार किया जाएगा।

क्या चुनाव लड़ने की संभावना पूरी तरह खत्म

दीपके ने चुनाव लड़ने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में जनता की स्पष्ट इच्छा होगी, तो संगठन चुनावी राजनीति पर विचार कर सकता है। लेकिन वर्तमान में प्राथमिकता केवल सामाजिक आंदोलन को आगे बढ़ाने की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *