बिजनौर में इलाज के लिए बेटे के साथ निकली एक महिला के साथ रास्ते में ऐसा हादसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। चलते रेहड़े के एक्सल में महिला का दुपट्टा फंस गया। इसके बाद दुपट्टा तेजी से खिंचा और महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अस्पताल जाते समय हुआ हादसा
घटना शनिवार दोपहर बिजनौर के कोतवाली शहर थाना क्षेत्र में हुई। मृतका की पहचान 50 वर्षीय सुमन देवी के रूप में हुई है। वह हल्दौर थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं। जानकारी के मुताबिक सुमन देवी अपने बेटे के साथ दवाई लेने के लिए अस्पताल जा रही थीं। दोनों रेहड़े से सफर कर रहे थे। इसी दौरान Roots कॉलेज के पास अचानक सुमन देवी का दुपट्टा रेहड़े के टायर और एक्सल की तरफ चला गया। देखते ही देखते वह वाहन के घूमते हिस्से में फंस गया।
दुपट्टा खिंचा तो नहीं मिला संभलने का मौका
दुपट्टा एक्सल में फंसते ही तेजी से खिंच गया। इससे वह महिला के गले में लिपट गया। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, गर्दन पर पड़े तेज दबाव के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। महिला के साथ मौजूद उनका बेटा भी घटना से स्तब्ध रह गया।
करीब 2 बजे पुलिस को मिली सूचना
हादसे की सूचना शनिवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही कोतवाली शहर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। इसके साथ ही मृतका की पहचान और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी।
पुलिस हादसे की परिस्थितियों की कर रही जांच
शुरुआती जानकारी में हादसे की वजह महिला का दुपट्टा रेहड़े के एक्सल में फंसना सामने आया है। हालांकि, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
ढीले कपड़ों को लेकर फिर सामने आया सुरक्षा का सवाल
यह हादसा चलते दोपहिया और खुले वाहनों पर सफर करते समय ढीले कपड़ों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। दुपट्टा, गमछा या अन्य लंबा कपड़ा वाहन के पहिए, चेन या किसी घूमते हिस्से में फंस सकता है। इसके बाद स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है।
इसलिए वाहन पर बैठते समय ढीले कपड़ों को संभालकर रखना जरूरी है। खासकर ऐसे वाहनों में जहां कपड़ा पहिए या दूसरे घूमते हिस्सों के करीब पहुंच सकता हो। बिजनौर की यह घटना इसी छोटी-सी सावधानी की बड़ी कीमत की दर्दनाक याद दिलाती है।