700 फीट गहरे बृहस्पति कुण्ड में गिरा युवक, सेल्फी बनी हादसे की वजह

पन्ना। पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुण्ड में बड़ा हादसा हो गया। सेल्फी लेने के दौरान 22 वर्षीय युवक फिसलकर करीब 700 फीट नीचे गहरे कुण्ड में गिर गया और पानी में डूबकर लापता हो गया। सूचना मिलते ही पन्ना और सतना जिले की एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।

22 वर्षीय सुखेंद्र सिंह उर्फ छोटू हुआ लापता

लापता युवक की पहचान सुखेंद्र सिंह उर्फ छोटू (22) पुत्र बुद्ध सिंह निवासी ग्राम इमलोनिया, पंचायत गहरा, थाना बृजपुर, जिला पन्ना के रूप में हुई है। हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ। देर शाम तक चले रेस्क्यू अभियान में युवक का कोई पता नहीं चल सका।

सेल्फी लेते समय फिसला, साथी की बची जान

जानकारी के अनुसार सुखेंद्र अपने साथियों राहुल गौड़, लक्खा सिंह और एक अन्य युवक के साथ बृहस्पति कुण्ड घूमने आया था। सुखेंद्र और राहुल झरने के किनारे सेल्फी ले रहे थे। चट्टानों पर जमी काई के कारण सुखेंद्र का पैर फिसल गया। गिरते समय उसने राहुल को पकड़ने की कोशिश की, जिससे राहुल भी फिसल गया, लेकिन उसने पास की चट्टान पकड़ ली और उसकी जान बच गई। सुखेंद्र सीधे गहरे कुण्ड में गिर गया।

SDRF और पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही बृजपुर थाना प्रभारी सोनम शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। चूंकि कुण्ड का क्षेत्र सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र से भी जुड़ा है, इसलिए वहां की पुलिस को भी सूचना दी गई। पन्ना और सतना जिले की एसडीआरएफ टीम ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला।

26 दिन पहले भी हुई थी मौत

बृहस्पति कुण्ड में 7 जुलाई 2026 को भी सतना में पढ़ाई कर रहे बिहार के नर्सिंग छात्र कुणाल कुमार ठाकुर की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। उसका शव 36 घंटे बाद बरामद हुआ था। इससे पहले 29 जून 2025 को भी कुण्ड में डूबने से तीन युवकों की जान जा चुकी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

लगातार हो रहे हादसों के बावजूद बृहस्पति कुण्ड जैसे संवेदनशील पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सीमित बनी हुई है। मानसून सीजन में यहां केवल एक आरक्षक और एक नगर सैनिक की तैनाती रहती है। झरने के आगे का प्रतिबंधित क्षेत्र पूरी तरह खुला होने के कारण पर्यटक जोखिम उठाकर वहां पहुंच जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है।

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