सतना। जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रविवार को एक इलेक्ट्रिक ऑटो मुख्य गेट से अस्पताल परिसर में प्रवेश कर सीधे हड्डी वार्ड के सामने तक पहुंच गया। सूचना मिलने पर सुरक्षा गार्डों ने ऑटो चालक को रोककर अस्पताल पुलिस चौकी के हवाले कर दिया, जहां उससे पूछताछ की गई।
स्ट्रेचर नहीं मिलने पर लिया ऑटो का सहारा
ऑटो में सवार मरीज संतोष अग्रवाल ने बताया कि सड़क दुर्घटना में उसका पैर टूट गया है और वह वार्ड क्रमांक-4 में भर्ती है। ऑपरेशन के लिए उसे वार्ड तक पहुंचना था, लेकिन अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं था और न ही कोई कर्मचारी मदद के लिए मिला। मजबूरी में उसने ऑटो चालक से वार्ड तक छोड़ने का अनुरोध किया, जिसके बाद चालक वाहन लेकर अंदर पहुंच गया।
दो माह में दूसरी बार सामने आया मामला
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 30 मई को भी स्ट्रेचर नहीं मिलने पर एक परिजन बाइक से मरीज को पहली मंजिल स्थित वार्ड तक ले गया था। दो महीने के भीतर अस्पताल परिसर में वाहनों के वार्ड तक पहुंचने की यह दूसरी घटना है।
सुरक्षा और सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल
अस्पताल के दोनों प्रवेश द्वारों पर चौबीसों घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसके बावजूद वाहन का वार्ड तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं लगातार सामने आ रही घटनाओं से मरीजों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं, विशेषकर स्ट्रेचर और कर्मचारियों की उपलब्धता पर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।