छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पेट के कैंसर से पीड़ित 45 वर्षीय मरीज की जटिल गैस्ट्रिक बायपास सर्जरी कर भोजन के लिए नया मार्ग बनाया गया, जिससे मरीज को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद जगी है।
दो महीने से भोजन नहीं कर पा रहा था मरीज
जानकारी के अनुसार मोहखेड़ विकासखंड के ग्राम तारा निवासी 45 वर्षीय रामलाल लंबे समय से पेट दर्द, सूजन और भोजन न कर पाने की समस्या से जूझ रहे थे। परिजनों ने पहले निजी अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया। जांच में पेट के कैंसर की पुष्टि होने पर डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया।
बनाया भोजन का नया रास्ता
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने 29 जुलाई को जटिल गैस्ट्रिक बायपास सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान भोजन के लिए नया मार्ग तैयार किया गया, जिससे अब मरीज सामान्य रूप से भोजन कर पा रहा है। फिलहाल मरीज को सर्जिकल आईसीयू में भर्ती रखा गया है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
आंत का खराब हिस्सा हटाकर जोड़ा स्वस्थ भाग
सर्जन डॉ. हेमंत अहिरवार ने बताया कि कैंसर के कारण मरीज के पेट से भोजन आगे नहीं पहुंच पा रहा था। सभी जांचों के बाद आंत के प्रभावित हिस्से को हटाया गया और स्वस्थ हिस्से को आपस में जोड़ दिया गया। इस प्रक्रिया के बाद मरीज अब भोजन लेने में सक्षम हो गया है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन
इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल रही। टीम में मुख्य शल्य चिकित्सक डॉ. महेंद्र सिंह, डॉ. हेमंत अहिरवार, डॉ. निर्मल ठाकुर, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी पटेल, डॉ. निकिता वर्मा, डॉ. अंशुल जैन तथा नर्सिंग ऑफिसर ममता दुबे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिले के लिए बड़ी चिकित्सा उपलब्धि
चिकित्सकों के अनुसार यह जिला अस्पताल में पेट के कैंसर के मरीज पर की गई पहली सफल गैस्ट्रिक बायपास सर्जरी है। इससे भविष्य में गंभीर कैंसर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलने की संभावना बढ़ेगी और उन्हें बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।