भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा संगठनात्मक भूचाल आया है। दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने सख्त कदम उठाते हुए जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई भंग कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के इस फैसले को हार के बाद सबसे बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।
हार के बाद संगठन पर गिरी गाज
भारतीय जनता पार्टी ने दतिया जिले में अपनी पूरी संगठनात्मक संरचना को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। प्रदेश कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश और दतिया उपचुनाव की समीक्षा के लिए गठित समिति की अनुशंसा पर लिया गया।
कौन-कौन सी इकाइयां हुईं भंग
आदेश के तहत जिला अध्यक्ष रघुबीर सिंह कुशवाह, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यकारिणी, सभी मंडल, मोर्चे, प्रकोष्ठ, विभाग, परियोजनाएं और अन्य सभी संगठनात्मक इकाइयों को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। अब जिले में संगठन का गठन नए सिरे से किया जाएगा।
उपचुनाव की हार बनी बड़ी वजह
यह कार्रवाई दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद हुई है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हराकर सीट बरकरार रखी। चुनाव परिणाम के बाद पार्टी के भीतर अंदरूनी असंतोष और कथित गुटबाजी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई थी।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई समीक्षा बैठक
सूत्रों के अनुसार, भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर हुई समीक्षा बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, वरिष्ठ मंत्री और संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में हार के कारणों, संगठन की भूमिका और कथित अंदरूनी विरोध (सैबोटाज) के आरोपों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद संगठन भंग करने का फैसला लिया गया।
नए सिरे से बनेगा संगठन
भाजपा अब दतिया में संगठन को नए सिरे से खड़ा करेगी। माना जा रहा है कि नई टीम के गठन से पहले पार्टी हार के कारणों का विस्तृत विश्लेषण करेगी और संगठनात्मक जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव किए जा सकते हैं।