सिवनी जिले के घंसौर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे 22 वर्षीय युवक को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप है। इलाज के लिए रेफर होने के बावजूद इंतजार के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
एंबुलेंस का इंतजार करते-करते चली गई जान
जानकारी के अनुसार, घंसौर क्षेत्र के पटरी गांव निवासी रामचरण नेताम (22) की शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें सुबह करीब 6 बजे घंसौर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने युवक को बेहतर इलाज के लिए रेफर तो कर दिया, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी वाहन नहीं पहुंचा और करीब आधे घंटे के भीतर युवक की मौत हो गई।
मौत के बाद हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन
युवक की मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने सिवनी-मंडला स्टेट हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित रहा।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी बीएमओ के खिलाफ कार्रवाई और स्थायी एंबुलेंस सुविधा की मांग पर अड़े रहे।
जर्जर एंबुलेंस बनी बड़ा सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि घंसौर क्षेत्र में संचालित 108 एंबुलेंस लंबे समय से जर्जर हालत में है। घटना वाले दिन भी वाहन खराब होने के कारण उपलब्ध नहीं हो सका। वैकल्पिक एंबुलेंस की व्यवस्था भी नहीं थी, जिससे समय पर मरीज को रेफर नहीं किया जा सका।
शाम को आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
करीब पूरे दिन चले प्रदर्शन के बाद शाम लगभग छह बजे प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सहायता राशि देने और एंबुलेंस व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए तथा प्रदर्शन समाप्त कर दिया।