उमरिया जिले के शासकीय कन्या शिक्षा परिसर पाली में वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों पर जनजातीय कार्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद तत्कालीन प्राचार्य सरिता जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शासकीय कन्या शिक्षा परिसर पाली की तत्कालीन प्राचार्य सरिता जैन के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए शहडोल संभाग के संभागीय आयुक्त ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
समिति ने 24 जुलाई 2026 को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कई आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
जांच में सामने आईं ये प्रमुख अनियमितताएं
जांच रिपोर्ट में कई गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से—
- सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त 6,000 रुपये का चेक शासकीय खाते में जमा नहीं करना।
- छात्राओं के व्यक्तिगत उपयोग की सामग्री के लिए उनके बैंक खातों में भेजी गई राशि उनसे वापस लेकर संस्थान स्तर पर खरीदारी करना।
- पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई सामग्री का भौतिक और गुणवत्ता सत्यापन नहीं कराना।
- पीएम श्री योजना के तहत शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्राप्त राशि के उपयोग में अनियमितता।
निलंबन अवधि में शहडोल रहेगा मुख्यालय
आयुक्त, जनजातीय कार्य मध्यप्रदेश द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान श्रीमती सरिता जैन का मुख्यालय संभागीय आयुक्त, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास, शहडोल संभाग निर्धारित किया गया है।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या लापरवाही मिलने पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।