जीतू पटवारी का बड़ा हमला: ‘सिद्धार्थ कुशवाहा की धमक से आपा खो बैठे नरेंद्र सिंह तोमर’

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद आयोजित विजय सभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से सतना विधायक एवं दतिया उपचुनाव के कांग्रेस प्रभारी सिद्धार्थ कुशवाहा की खुलकर तारीफ की। पटवारी ने कहा कि इस जीत के पीछे सिद्धार्थ कुशवाहा की संगठन क्षमता और चंबल अंचल में उनकी मजबूत पकड़ की बड़ी भूमिका रही।

दतिया जीत का श्रेय सिद्धार्थ कुशवाहा को

विजय सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की सफलता केवल एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि पूरी टीम की जीत है। उन्होंने विशेष रूप से सतना से कांग्रेस विधायक और दतिया उपचुनाव के पार्टी प्रभारी सिद्धार्थ कुशवाहा का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव के दौरान संगठन को मजबूती से संभाला और समाज के विभिन्न वर्गों को कांग्रेस के पक्ष में जोड़ने का काम किया। पटवारी ने कहा कि चंबल बेल्ट और विशेष रूप से कुशवाहा समाज में सिद्धार्थ कुशवाहा की मजबूत स्वीकार्यता का लाभ कांग्रेस को चुनाव में मिला।

‘सिद्धार्थ की धमक से नरेंद्र सिंह तोमर भी आपा खो बैठे’

अपने भाषण में जीतू पटवारी ने कहा कि सिद्धार्थ कुशवाहा की बढ़ती राजनीतिक स्वीकार्यता और चुनावी सक्रियता से विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी असहज हो गए थे।

पटवारी ने आरोप लगाया कि इसी दबाव में तोमर ने सार्वजनिक रूप से अनर्गल टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसका विरोध किया और माफी की मांग उठाई, जिसके बाद उन्हें अपना रुख बदलना पड़ा।

कौन हैं सिद्धार्थ कुशवाहा

सिद्धार्थ कुशवाहा सतना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने उन्हें चुनाव प्रभारी बनाया था। पार्टी के भीतर उन्हें संगठनात्मक क्षमता वाले नेता के रूप में देखा जाता है। विंध्य के साथ-साथ चंबल क्षेत्र में, खासकर कुशवाहा समाज के बीच उनकी सक्रियता और राजनीतिक संपर्क को कांग्रेस ने चुनावी रणनीति में अहम माना।

दतिया उपचुनाव में किसकी हुई जीत

दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6016 मतों से हराया। यह चुनाव भाजपा के भीतर टिकट चयन को लेकर हुई नाराजगी के कारण भी चर्चा में रहा।

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