मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में पशु तस्करों और बकरी लूटने वाले कुख्यात बदमाशों की गतिविधियां बढ़ने की सूचना के बाद दोनों राज्यों की पुलिस अलर्ट मोड पर है।
सोमवार को यूपी के मानिकपुर और मारकुंडी की संयुक्त पुलिस टीम ने बड़े इलाके में कॉम्बिंग की। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत की।
चरवाहों और ग्रामीणों से पुलिस ने किया संवाद
कॉम्बिंग के दौरान पुलिस टीम ने चरवाहों, लकड़हारों और स्थानीय रहवासियों से संवाद किया। पुलिस ने उनसे क्षेत्र में संदिग्ध लोगों और गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
पुलिस की मौजूदगी का एक उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र में लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना भी रहा। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई।
सतना के चार थाना क्षेत्रों में भी सर्चिंग
इधर, सतना जिले की पुलिस ने भी सीमा से लगे इलाकों में सर्चिंग अभियान चलाया। धारकुंडी, चित्रकूट, बरौंधा और मझगवां थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने संवेदनशील इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस की इस सक्रियता को सीमावर्ती क्षेत्र में अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस टीमों ने आमजन के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
अब भी सक्रिय है पशु तस्करों का नेटवर्क
गौरतलब है कि पिछले काफी समय से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पशु तस्करों के सक्रिय होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
बताया जाता है कि संगठित गिरोहों ने चरवाहों और बकरी पालकों को निशाना बनाया है। पुलिस कार्रवाई में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, लेकिन नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
इसी वजह से पुलिस सीमावर्ती तराई क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ा रही है। सर्चिंग और कॉम्बिंग के जरिए ऐसे रास्तों और इलाकों पर नजर रखी जा रही है, जहां से संदिग्ध गतिविधियों की आशंका रहती है।
सीमा पर पुलिस की बढ़ी सक्रियता
एमपी-यूपी सीमा का तराई क्षेत्र भौगोलिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और संयुक्त सर्चिंग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल पुलिस का फोकस संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने, ग्रामीणों से सूचना जुटाने और पशु तस्करी से जुड़े सक्रिय नेटवर्क पर नजर रखने पर है।