शहडोल के एक आवासीय कन्या शिक्षा परिसर की दर्जनों छात्राएं बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर हॉस्टल से निकलकर 30 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट के लिए पैदल रवाना हो गईं। बीच रास्ते में प्रशासन ने उन्हें रोककर समझाइश दी और उनकी समस्याएं सुनीं।
छात्राओं ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर खोला मोर्चा
शहडोल जिले के ग्राम कटकोना स्थित माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर की दर्जनों छात्राएं गुरुवार को छात्रावास से बाहर निकल आईं। छात्राओं का आरोप है कि परिसर में लंबे समय से बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी बनी हुई है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उन्होंने सीधे कलेक्टर से मिलने का फैसला किया।
छात्राएं करीब 30 किलोमीटर दूर शहडोल कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च के लिए निकल पड़ीं। इस दौरान उनका उद्देश्य जिला प्रशासन तक अपनी मांगें सीधे पहुंचाना था। छात्राओं के पैदल मार्च की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिला पंचायत सीईओ और जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिन्हा सहित अन्य अधिकारी बीच रास्ते में पहुंचे।
अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं। छात्राओं ने बिजली, पानी, अन्य मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ एक शिक्षक को यथावत रखने की मांग भी रखी। प्रशासन ने सभी मांगों पर नियमानुसार विचार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राओं को वापस छात्रावास भेजा गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में छात्राएं आवासीय परिसर से बाहर निकलकर 30 किलोमीटर के पैदल मार्च पर कैसे निकल गईं और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिली। घटना ने छात्रावास प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
प्रशासन ने दिया समाधान का भरोसा
प्रशासन का कहना है कि छात्राओं की सभी शिकायतों की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।