शहडोल में आकाशीय बिजली का कहर: महिला, किसान और किशोर समेत 3 की मौत

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रविवार को हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली तीन परिवारों पर कहर बनकर टूटी। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली गिरने की तीन घटनाओं में एक महिला, एक किसान और 14 वर्षीय बालक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। तीन अलग-अलग घटनाओं ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। मौसम विभाग पहले ही कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी कर चुका है। ऐसे में बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।

झींकबिजुरी में खेत में काम कर रही महिला की मौत

पहली घटना झींकबिजुरी चौकी क्षेत्र के झींक गांव में हुई। रविवार शाम 28 वर्षीय किशन बाई खेत में काम कर रही थीं, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई और वह उसकी चपेट में आ गईं।

परिजन उन्हें गंभीर हालत में पहले झींकबिजुरी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया। इलाज के दौरान रविवार रात उनकी मौत हो गई।

दर्शिला में किसान पर गिरी बिजली, दो अन्य घायल

दूसरी घटना दर्शिला चौकी क्षेत्र के छुटकी टोला की है। यहां 45 वर्षीय किसान सुंदर पाव खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय उनके साथ खेत में काम कर रहे दो अन्य लोग भी बिजली की चपेट में आ गए। दोनों घायल हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

जैतपुर में घर के सामने खेल रहे बालक की गई जान

तीसरी घटना जैतपुर थाना क्षेत्र के मसुरा गांव में हुई। यहां घर के सामने मौजूद 14 वर्षीय धर्मेंद्र सिंह पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय पास में खड़ी उसकी भाभी भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गईं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रशासन ने लोगों से बरसात में सावधानी बरतने की अपील की

लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की है। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी गई है।

आकाशीय बिजली कड़कने या गिरने के दौरान क्या करें, क्या न करें

ऐसे में क्या करें

  • बिजली चमकते ही तुरंत किसी पक्की इमारत या बंद कमरे में चले जाएं।
  • यदि बाहर हों और कोई सुरक्षित भवन न मिले तो चारों पैर एक साथ रखकर झुककर (Crouch Position) बैठ जाएं। जमीन पर पूरी तरह लेटें नहीं।
  • मोबाइल से मौसम और बिजली गिरने की चेतावनी (Lightning Alert) पर नजर रखें।
  • मौसम सामान्य होने के बाद ही खेत या खुले स्थान पर जाएं।

और, क्या न करें

  • पेड़ के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश न करें।
  • खेत, खुले मैदान, पहाड़ी, नदी, तालाब या जलाशय के पास न रहें।
  • बिजली के खंभों, लोहे की बाड़, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल या अन्य धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
  • गरज-चमक के दौरान छाता, फावड़ा या अन्य धातु के औजार हाथ में लेकर खुले में न खड़े हों।
  • घर में होने पर बिजली से चलने वाले उपकरणों का अनावश्यक उपयोग न करें और वायर्ड फोन का इस्तेमाल करने से बचें।

ध्यान रखें: यदि बिजली चमकने और गरज सुनाई देने के बीच का अंतर 30 सेकंड या उससे कम है, तो समझिए आप खतरे के क्षेत्र में हैं। तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और आखिरी गरज सुनने के कम से कम 30 मिनट बाद ही खुले में निकलें।

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