सतना। बेतवा एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री के बैग से 63 लाख रुपए की नकदी मिलने से रेलवे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। रकम के स्रोत को लेकर अब जांच शुरू हो गई है। सतना निवासी एक यात्री को 63 लाख रुपए की नकदी के साथ पकड़े जाने का मामला सामने आया है। कार्रवाई आरपीएफ और झांसी क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने की।
जानकारी के मुताबिक आगामी स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। इसी के तहत ट्रेनों में नियमित रूप से संदिग्ध यात्रियों और सामान की जांच की जा रही है।
इसी दौरान सोमवार सुबह 18203 बेतवा एक्सप्रेस में एक यात्री की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। यात्री कोच नंबर 83 की सीट नंबर 19 पर सफर कर रहा था।
बैग और थैले से मिले 63 लाख रुपए
संदेह के आधार पर आरपीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम ने बहिलपुरवा और चित्रकूट धाम-कर्वी स्टेशन के बीच यात्री के सामान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान यात्री के पिट्ठू बैग और थैले से 63 लाख रुपए नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद टीम ने यात्री से नकदी के संबंध में पूछताछ की। यात्री रकम के स्रोत और उसे ले जाने के उद्देश्य के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।

कर्वी स्टेशन पर उतारकर पूछताछ
नकदी जब्त करने के बाद यात्री को कर्वी स्टेशन पर उतारा गया। यहां संयुक्त टीम ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में यात्री ने कथित तौर पर बताया कि वह सतना निवासी संजय उर्फ संजू के कहने पर यह रकम कानपुर लेकर जा रहा था। इसके बाद अधिकारियों को पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए संयुक्त टीम ने नकदी को जब्त कर लिया।
रकम के स्रोत की तलाश में जुटी टीम
पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि 63 लाख रुपए की रकम कहां से आई थी और इसे कानपुर में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। मामले में हवाला से जुड़े होने का संदेह भी जताया जा रहा है। हालांकि रकम के वास्तविक स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
संयुक्त टीम अब संजय उर्फ संजू की तलाश कर रही है। उसके मिलने के बाद नकदी के स्रोत और पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई
आरपीएफ द्वारा पकड़े गए यात्री के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं इतनी बड़ी नकदी के मामले में अन्य एजेंसियों को भी जानकारी दिए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। जांच का मुख्य फोकस नकदी के स्रोत, यात्री और संजय के बीच संबंध तथा कानपुर में रकम प्राप्त करने वाले व्यक्ति तक पहुंचने पर है।