सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र में बकरी लूट और चोरी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। अनूपपुर जेल में बंद तीन आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने 78 बकरियां लूटने और चोरी करने की वारदात कबूल कर ली। पुलिस के मुताबिक फरवरी 2026 में परसमनिया पठार के कालीझिर जंगल (खामतला) में बकरी पालक को रस्सियों से बांधकर 53 बकरियां लूट ली गई थीं। इसके अलावा बांधी-मौहार गांव से 25 बकरियां चोरी की गई थीं। दोनों मामलों में पुलिस लगातार जांच कर रही थी और आरोपियों की तलाश जारी थी।
अनूपपुर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अनूपपुर पुलिस ने बकरी लूट करने वाले एक पेशेवर गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनका संबंध उचेहरा क्षेत्र की वारदातों से भी हो सकता है। इसके बाद उचेहरा पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर अनूपपुर जेल से न्याज खान (29), हसन खान (24) और अरुण खान (19) निवासी भदनपुर पहाड़, थाना बदेरा को रिमांड पर लिया।
पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने बकरियां लूटकर अलग-अलग स्थानों पर बेचने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस अब लूटी गई बकरियों और बिक्री से मिली रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
कई जिलों में दर्ज हैं गंभीर मामले
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और इनके खिलाफ अनूपपुर, उमरिया तथा सीधी जिलों में भी विभिन्न आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। गिरोह वारदात के बाद लगातार ठिकाने बदलता रहता था, जिससे पुलिस को इन्हें पकड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
चौकी प्रभारी की पिस्टल भी लूट चुका है गिरोह
पुलिस ने बताया कि इसी गिरोह ने 22 अप्रैल 2026 को अनूपपुर जिले के करण-पठार थाना क्षेत्र में बकरी लूट की एक अन्य वारदात को अंजाम दिया था। पीछा करने पर आरोपियों ने सरई चौकी प्रभारी मंगल धुर्वे और पुलिस टीम पर पथराव कर उनकी सरकारी पिस्टल लूट ली थी। हालांकि बाद में पुलिस ने एक नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई पिस्टल बरामद कर ली थी।