सतना। जसो थाना क्षेत्र के अमकुई गांव में कियोस्क संचालक अतुल कुशवाहा (20) की हत्या के बाद बुधवार को दिनभर प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर रही। परिजनों और ग्रामीणों के संभावित प्रदर्शन को देखते हुए नागौद से लेकर सतना तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। आखिरकार शव मिलने के करीब 32 घंटे बाद शाम लगभग 4 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए और जिला अस्पताल की मरचुरी से शव लेकर प्रयागराज रवाना हो गए।
पुलिस का दावा- पुरानी रंजिश में हुई हत्या
पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में एक ही आरोपी की भूमिका सामने आई है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का मृतक अतुल से 27 जुलाई सहित पहले भी विवाद हुआ था और उसी रंजिश में उसने हत्या की योजना बनाई।
1 अगस्त को आरोपी अतुल को बाइक पर अपने साथ ले गया। रास्ते में दोनों के बीच फिर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने पतली तार से गला घोंटकर हत्या कर दी और सिर पर पत्थर मारकर शव को झाड़ियों में छिपा दिया।
मोबाइल और साइबर जांच जारी
पुलिस ने मृतक और आरोपी दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। साइबर टीम डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य कोणों की भी पड़ताल होगी।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि 1 अगस्त को ही वे जसो थाने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने समय पर गुमशुदगी दर्ज नहीं की। उनका कहना है कि यदि तत्काल कार्रवाई होती तो संभवतः अतुल की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि हत्या में एक से अधिक लोग शामिल हैं, लेकिन पुलिस केवल एक आरोपी पर कार्रवाई कर रही है।
यह है पूरा मामला
अमकुई निवासी कियोस्क संचालक अतुल कुशवाहा 1 अगस्त से लापता था। 3 अगस्त की सुबह उसका शव गांव के सरकारी स्कूल के पीछे झाड़ियों में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। शव मिलने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस का घेराव किया और पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए थे। स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा था।
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