सतना के बिरला सीमेंट फैक्ट्री में कर्मचारी की मौत के बाद हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फैक्ट्री गेट पर शव रखकर सड़क जाम करने और एसबीआई की कैश वैन में तोड़फोड़ के आरोप में कांग्रेस नेताओं समेत 24 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
कर्मचारी की मौत के बाद हुआ था प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, रमाशंकर द्विवेदी (45), पिता गिरजा प्रसाद द्विवेदी, 30 जुलाई की सुबह बिरला सीमेंट फैक्ट्री में ड्यूटी पर पहुंचे थे। ड्यूटी के दौरान सीने में दर्द की शिकायत होने पर उन्हें फैक्ट्री के क्लीनिक ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर बिरला अस्पताल भेजा गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों ने मृतक के पुत्र को नियमित नौकरी देने की मांग को लेकर फैक्ट्री के मुख्य गेट पर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। इसके चलते सतना-सेमरिया मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
कांग्रेस नेताओं ने भी दिया था समर्थन
धरने के दौरान शहर कांग्रेस के कई नेता भी मौके पर पहुंचे और परिजनों की मांग का समर्थन करते हुए प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के कारण फैक्ट्री गेट के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
कैश वैन में तोड़फोड़ का भी आरोप
सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की कैश वैन एटीएम में नकदी और तकनीकी कार्य के लिए जा रही थी। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने वैन का रास्ता रोका और उसके कांच में तोड़फोड़ की। इस संबंध में फरियादी धर्मेंद्र तिवारी की शिकायत पर कोलगवां थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
16 नामजद समेत 24 लोगों पर मामला
पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत 16 नामजद और अन्य सहित कुल 24 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नामजद आरोपियों में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता रितेश त्रिपाठी, कांग्रेस नेता बालेश त्रिपाठी, बर्मेंद्र प्रताप सिंह, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राहुल सोनी, गजेंद्र सिंह, संजय त्रिपाठी, अरुण त्रिपाठी, राजललन सिंह, अंकित गुप्ता, आनंद पांडेय, शैलेश तिवारी, दिव्यांशु सिंह, संजय तिवारी, विमलेश त्रिपाठी, अरुण कुशवाहा और नारायण तिवारी शामिल हैं।